Wednesday, 26 December 2018

गीतगीतिका छंद माँ शारदे की वंदना। शब्द वाणी अक्षरा हे वाग्देवी शारदे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझ पर वार दे। श्वेतवसना शशिमुखी हंसाधिरूढ़ा सुरसती। चेतना मेधा प्रभा ज्ञाना इला वीणावती। आदि मध्या इति अशेषा, ज्ञान का विस्तार दे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझ पर वार दे।1। सौम्य रूपा शांत चित्ता निर्मला धीं निर्झरी। कृति कला लालित्य रुचिरा हे स्वरा वागीश्वरी। सप्त सुर की स्वामिनी माँ ,कंठ वाणी हार दे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझपर वार दे।2। वेद वाचा मूर्धनी ब्रम्हासुता ज्ञानेश्वरी। शुचि अनन्ता सर्वदा विद्यावती विमलेश्वरी। मातु वीणापाणि हे वीणा हिया झंकार दे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझपर वार दे।3। आशा देशमुख कोरबा छतीसगढ़ 25 -12-2018 मंगलवार

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