विश्व कविता दिवस पर मेरे भी
भाव पुष्प अर्पित
लिख दो कविवर ऐसी कविता ,जो जन मानस की वाणी हो।
हर भाव बहे उर सरिता में ,सुख दुख की अमर कहानी हो।
दुश्मन पर तुम अंगार लिखो, अपनों पर मधु रसधार लिखो।
भर लो सागर को गागर में ,लहरों की सुखद रवानी हो।
आशा देशमुख
भाव पुष्प अर्पित
लिख दो कविवर ऐसी कविता ,जो जन मानस की वाणी हो।
हर भाव बहे उर सरिता में ,सुख दुख की अमर कहानी हो।
दुश्मन पर तुम अंगार लिखो, अपनों पर मधु रसधार लिखो।
भर लो सागर को गागर में ,लहरों की सुखद रवानी हो।
आशा देशमुख
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